प्यार एक मीठा जहर हैं जो धीरे धीरे दिल से पूरे शरीर मे फैल जाता हैं जब ये जहर शरीर मे फैल जाता हैं तो आदमी पागलो की तरह इधर उधर भटकने लगता हैं और आदमी अपने आप को बरबाद कर लेता हैं इसीलिए मै आप सब को सलाह देता हूँ कि दुनिया मे सब कुछ करो मगर प्यार नही करना
शिकवा नही किसी से ना हैं कोई गिला दुनिया मे सब कुछ मिला लेकिन प्यार ही नही मिला
By Lakhan Singh 20:33 | 21/Dec/2007 | 3 Comment(s)
TERA GAM
तेरे दर्द से दिल आबाद रहा कुछ भूल गये कुछ याद रहा तेरा गम तेरे जाने के बाद रहा कुछ भूल गये कुछ याद रहा जाने वफा तुझको क्या दूं ये दिल कह रहा हैं डुआं दूं नसीबा भी क्या रंग लाया कहाँ लाके हमको मिलाया तेरे दर्द से दिल आबाद रहा कुछ भूल गये कुछ याद रहा
By Lakhan Singh 18:20 | 13/Dec/2007 | 0 Comment(s)
YAAD
सच कहता हूँ झूट बोलने की आदत नही हैं मुझे एक तेरे सिवा किसी और की चाहत नही हैं मुझे अपने बारे मे सोचू किसतरह मेरी जान तेरी यादो से एक पल की फुर्सत नही हैं मुझे